दिल्ली और महाराष्ट्र सहित 7 राज्यों में हटाए गए मतदाताओं को मिला एक और मौका

दामिनी नाथ के मुताबिक, चुनाव आयोग ने शुक्रवार को 7 राज्यों में 'अनुपस्थित', 'मृत' या 'दोहरे' (डुप्लिकेट) के रूप में चिह्नित किए गए मतदाताओं को एक और मौका दिया है. इन राज्यों में दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड शामिल हैं.

इन 7 राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे पत्र में चुनाव आयोग ने कहा: “…आयोग ने फैसला किया है कि जिन मतदाताओं को गणना फॉर्म जारी किए गए थे, लेकिन एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरा/डुप्लिकेट) के रूप में चिह्नित होने के कारण जिनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जा सके, उन्हें अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का एक और अवसर प्रदान किया जाएगा.”

हालांकि इन मतदाताओं को अब तक 'फॉर्म 6' (नए मतदाताओं के लिए वैधानिक फॉर्म) जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा था, लेकिन अब आयोग ने कहा: “ऐसे सभी मतदाताओं को जारी एसआईआर के दौरान अपने संबंधित ईआरओ/एईआरओ के पास, अपने वर्तमान सामान्य निवास स्थान के अनुसार, विधिवत भरे हुए गणना फॉर्म जमा करने का एक और मौका दिया जाएगा.”

चुनाव आयोग ने कहा कि एएसडीडी सूचियां, जो इस साल की शुरुआत में एसआईआर के गणना चरण के दौरान प्रकाशित की गई थीं, उन्हें एक बार फिर संबंधित मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और बीडीओ कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर लगाया जाएगा. चुनाव आयोग ने कहा कि इसे सीईओ की वेबसाइट पर भी पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप में प्रकाशित किया जाएगा.

आयोग ने कहा, “यदि किसी मतदाता ने अपना निवास स्थान नहीं बदला है, तो वे अपने विधिवत भरे हुए और हस्ताक्षरित गणना फॉर्म को एक बयान के साथ... (यह कारण बताते हुए कि वे पहले गणना फॉर्म क्यों जमा नहीं कर सके) संबंधित ईआरओ/एईआरओ/बीएलओ के पास व्यक्तिगत रूप से या अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से भौतिक रूप से जमा कर सकते हैं. ऐसे मतदाताओं द्वारा ऑनलाइन गणना फॉर्म जमा करने की सुविधा ई-साइन के साथ 'ईसीआईनेट' पर भी उपलब्ध कराई जाएगी.”

चूंकि इन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची से हटा दिए गए थे, आयोग ने कहा कि यदि वे वापस जोड़े जाते हैं, तो उन्हें “वही ईपीआईसी (एपिक- मतदाता पहचान पत्र) संख्या पुनः आवंटित की जाएगी जो एसआईआर से पहले उनके पास थी.”

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया, “जिस मतदाता ने एसआईआर के दौरान नए नामांकन के लिए पहले ही फॉर्म-6 जमा कर दिया है, उसे बयान के साथ दोबारा नया गणना फॉर्म जमा करने की आवश्यकता नहीं है.”

यद्यपि चुनाव आयोग के पत्र में प्रारूप चरणों में हटाए गए मतदाताओं द्वारा गणना फॉर्म जमा करने की किसी अंतिम तिथि (डेडलाइन) का उल्लेख नहीं किया गया था, लेकिन आयोग के एक सूत्र ने बताया कि प्रत्येक राज्य में दावों और आपत्तियों के लिए जारी समय-सीमा के दौरान फॉर्म स्वीकार किए जाएंगे.

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