‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक़ कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने आने वाले संस्मरण में भारतीय खाने, पहनावे और पारिवारिक जीवन के शुरुआती अनुभवों को याद किया है. उनका संस्मरण "बिलॉन्गिंग, अ जर्नी ऑफ़ लव" 10 नवंबर को रिलीज़ होगा.
प्रकाशक हार्परकॉलिंस ने संस्मरण की कुछ झलकियाँ साझा की हैं. इनमें उनके दिवंगत पति राजीव गांधी के साथ भारतीय खाने का उनका पहला अनुभव भी शामिल है.
उन्होंने जो शुरुआती व्यंजन चखे, उनमें तंदूरी चिकन भी था. प्रकाशक की पोस्ट कहती है, "वह चटक लाल था, थोड़ा जला हुआ था और उसने उनके मुँह में आग लगा दी." धीरे धीरे वे थाली में परोसे जाने वाले पारिवारिक खाने की आदी हो गईं. इसमें चावल, फुलके, सब्ज़ी और मटन, मछली या चिकन के साथ अरहर की दाल होती थी.
सोनिया साड़ी को दुनिया के सबसे सुरुचिपूर्ण परिधानों में से एक मानती थीं, लेकिन इसे पहनना सीखना मुश्किल था.
अपनी सगाई के लिए उन्होंने जेड हरे और हल्के पीले रंग की साड़ी चुनी थी. उसकी चुन्नटें थामे रखने के लिए कई सेफ़्टी पिन लगाने पड़े थे. प्रकाशक के मुताबिक़ अपनी शादी में उन्होंने वह साड़ी पहनी, जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल में जवाहरलाल नेहरू के काते सूत से बुनी गई थी.
लोगों से मिलती जुलती सोनिया की तस्वीरों के साथ प्रकाशक की पोस्ट पूछती है, "कोई देश आपका हिस्सा कैसे बन जाता है?"
पोस्ट कहती है, "यह धीरे धीरे होता है, जब कभी अनजानी लगने वाली चीज़ें रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाती हैं."
इससे पहले सोशल मीडिया पर साझा किए गए अंशों में उन्होंने कैम्ब्रिज के एक छोटे से यूनानी रेस्तराँ में राजीव से अपनी मुलाक़ात को याद किया था. एक्स पर अपनी पहली पोस्ट में उन्होंने राजीव को सुदर्शन और सौम्य बताया था.
संस्मरण में बरसों तक राजनीति से दूरी बनाए रखने के बाद उनके सार्वजनिक जीवन में आने की कहानी भी है. इसमें प्रचार के लिए, लोगों से मिलने और उनकी चिंताएँ सुनने के लिए देश भर में उनकी यात्राओं का ब्योरा है.
सोनिया आगे चलकर सांसद, कांग्रेस अध्यक्ष, यूपीए अध्यक्ष और राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की अध्यक्ष रहीं. किताब में उनकी शादी, उनकी सास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से उनका परिचय, और भारत में बसने की उनकी कोशिशों का भी ज़िक्र है. इनमें हिंदी सीखना भी शामिल है.
किताब में उन घटनाओं का भी ब्योरा है, जिन्होंने परिवार की ज़िंदगी बदल दी. इनमें विमान हादसे में संजय गांधी की मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल हैं.
संस्मरण 2004 के चुनावों में कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन की जीत के आसपास के राजनीतिक घटनाक्रम की भी पड़ताल करता है. तब सोनिया ने प्रधानमंत्री बनने से इनकार कर दिया था. इसके बजाय उन्होंने पार्टी और गठबंधन का नेतृत्व किया, जिसने दस साल तक देश चलाया.

