शोभन सक्सेना | अमेरिकी चुनाव में ट्रंप को झटका, दुनिया की राजनीति पर क्या होगा असर?

‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने ब्राजील के साओ पाउलो से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार शोभन सक्सेना के साथ अमेरिकी चुनाव के नतीजों, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक स्थिति और इसके वैश्विक प्रभावों पर चर्चा की. सक्सेना के अनुसार, चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त ने ट्रंप की राजनीति को बड़ा झटका दिया है. इसका असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के अन्य देशों की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है.

सक्सेना ने कहा कि चुनाव परिणाम ट्रंप की घरेलू और विदेश नीति के प्रति अमेरिकी मतदाताओं की नाराजगी को दर्शाते हैं. उनके मुताबिक, टैरिफ युद्ध, ईरान के साथ संघर्ष, बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार के आरोपों ने आम अमेरिकी नागरिकों को प्रभावित किया है. ट्रंप के परिवार और उनके करीबी लोगों की संपत्ति में कथित बढ़ोतरी को लेकर भी सवाल उठे हैं. सक्सेना का मानना है कि संसद में डेमोक्रेट्स की मजबूत मौजूदगी से इन मामलों की जांच और राष्ट्रपति की जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ सकता है.

उन्होंने बताया कि अमेरिकी व्यवस्था में राष्ट्रपति, संसद के दोनों सदनों और न्यायपालिका के बीच शक्तियों का संतुलन बनाए रखने की व्यवस्था है. ऐसे में संसद में डेमोक्रेट्स की बढ़त ट्रंप के फैसलों पर अंकुश लगा सकती है. हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि ट्रंप की राजनीतिक क्षमता को कमतर आंकना जल्दबाजी होगी. उनके मुताबिक, राष्ट्रपति की अप्रत्याशित कार्यशैली के कारण आने वाले समय में अमेरिका में राजनीतिक टकराव और अस्थिरता की आशंका बनी रह सकती है.

सक्सेना ने चुनाव में वामपंथी और समाजवादी विचारधारा से जुड़े उम्मीदवारों की सफलता को भी महत्वपूर्ण बताया. उनके अनुसार, अमेरिकी मतदाता अब स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, सार्वजनिक परिवहन, सामाजिक सुरक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि दक्षिणपंथी राजनीति का मुकाबला करने के लिए केवल राजनीतिक बयानबाजी पर्याप्त नहीं है. जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर स्पष्ट नीतियां और ठोस कार्यक्रम प्रस्तुत करना जरूरी है.

भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा करते हुए सक्सेना ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं. भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ और चीन के संदर्भ में भारत की कमजोर होती रणनीतिक स्थिति को उन्होंने चिंता का विषय बताया. हालांकि, डेमोक्रेट्स के बढ़ते प्रभाव से भारतीय निर्यात, एच-1बी वीजा और दवा उद्योग से जुड़े मुद्दों पर कुछ राहत मिलने की संभावना भी जताई.

उन्होंने कहा कि ट्रंप की राजनीतिक कमजोरी का असर वैश्विक व्यापार, पश्चिम एशिया, रूस-यूक्रेन युद्ध और भारत की विदेश नीति पर भी पड़ सकता है. हालांकि, इन बदलावों की वास्तविक दिशा आने वाले समय में ही स्पष्ट होगी.

पूरी बातचीत हरकारा रोज़ाना के यूट्यूब चैनल पर सुन सकते हैं.

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