उमर खालिद पर ‘मनगढ़ंत आतंकवाद’ के आरोप वैसे ही, जैसे मंडेला ने झेले थे: ममदानी

न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी, जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद के समर्थन में सामने आए हैं, जो 2020 के दिल्ली दंगों के संबंध में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमे की प्रतीक्षा कर रहे हैं. न्यूयॉर्क शहर के 'द टाउन हॉल' में नेल्सन मंडेला फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'नेल्सन मंडेला ग्लोबल लीडरशिप फोरम' के उद्घाटन मंच से, डेमोक्रेटिक मेयर ने खालिद के लिए अपना समर्थन दोहराया और दावा किया कि खालिद के खिलाफ लगाए गए "मनगढ़ंत आतंकवाद" के आरोप काफी हद तक वैसे ही हैं जैसे मंडेला ने अपने समय में झेले थे.

‘डेक्कन क्रॉनिकल’ के अनुसार, अपने पूरे भाषण में मंडेला को 'मदीबा' (दक्षिण अफ्रीकी नेता को सम्मान देने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रतिष्ठित पारिवारिक नाम) कहकर संबोधित करते हुए ममदानी ने कहा कि "अपने लिए और हममें से प्रत्येक से एकजुटता की मांग में, मदीबा एक साधारण इंसान या किसी मसीहा से कहीं बढ़कर बन जाते हैं." मंडेला पर लगे आरोपों की तुलना आज उमर खालिद द्वारा झेले जा रहे आरोपों से करते हुए मामदानी ने पूछा कि हर कोई आखिर क्यों इंतजार कर रहा है, "...जबकि उमर खालिद दिल्ली में अपनी कैद के छठे वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं? एक राजनीतिक कैदी जो आतंकवाद के उन्हीं मनगढ़ंत आरोपों के तहत जेल में बंद है जो कभी मदीबा पर लगाए गए थे. हम उन प्रवासियों के साथ मजबूती से खड़े होने के लिए क्यों इंतजार कर रहे हैं जिन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उनका शोषण किया जा रहा है?" उन्होंने सवाल किया.

अपने भाषण में उन्होंने फिलिस्तीन के घटनाक्रमों पर भी सवाल उठाए और पूछा, "हमें तब तक इंतजार क्यों करना चाहिए जब तक कि 1000 और माता-पिता अपने बच्चों को दफन न कर दें? जब तक कि और भी लोग अपने हाथ-पैर, अपने घर और अपना भविष्य न खो दें, तब जाकर हम एक साथ आएं और फिलिस्तीन की स्वतंत्रता पर जोर दें. डॉक्टर हुसाम अबू सफिया को इजरायली हिरासत में स्वतंत्रता के लिए 18 महीने से अधिक का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है, एक ऐसी हिरासत जो आज भी जारी है, जबकि पूरी दुनिया ने उन्हें अपने अस्पताल से निकलते ही अगवा होते देखा और जेल में उन्हें घुट-घुट कर जीते हुए देखा."

ममदानी वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में डेमोक्रेटिक नेताओं के बीच सबसे लोकप्रिय शख्सियतों में से एक हैं. पार्टी के भीतर भी, उन्होंने मुखर रूप से उन लोगों का पक्ष लिया है जो खुद को 'डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट' (लोकतांत्रिक समाजवादी) के रूप में पहचानते हैं, और रिपब्लिकन तथा रूढ़िवादी अमेरिकियों द्वारा उन पर "वामपंथी कट्टरपंथी" होने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं.

Previous
Previous

पुलिस मुठभेड़ में व्यक्ति की मौत के बाद जम्मू के डोडा में तनाव, मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद

Next
Next

यूपी पुलिस ने कहा, पूर्व मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ और बेटे के खिलाफ गवाहों को धमकाने का कोई सबूत नहीं मिला