फिर वही सजा : आतंकवादियों द्वारा पुलिसकर्मी की हत्या के बाद कश्मीर में दो संदिग्धों के मकान गिराए
अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की आतंकवादियों द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ ही घंटों बाद, कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों ने रातभर में संदिग्ध आतंकी बताए जा रहे दो लोगों के घरों को विस्फोट से उड़ा दिया.
सुरक्षाबलों का आरोप है कि आदिल ठोकर और हारून रशीद गनाई लश्कर-ए-तय्यबा के आतंकवादी थे; वहीं जुनैद डार से बात करने वाले पड़ोसियों ने बताया कि दोनों पिछले कई सालों से लापता हैं. केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भी ऐसी ही सामूहिक सजा दी थी, जब उसने पूरी कश्मीर घाटी में आठ कथित आतंकवादियों के घरों को बुलडोज़र/विस्फोट से ध्वस्त कर दिया था. इनमें ठोकर का मकान भी था. पड़ोसियों ने यह भी बताया कि इस बार जो मकान गिराया गया है, वह दरअसल उसके भाई ज़ाहिद अहमद का था.
इस बीच, कल इंडिया रिजर्व पुलिस के प्रधान आरक्षक आशिक हुसैन की हत्या के बाद, अधिकारियों ने कश्मीर में संदिग्ध 'ओवरग्राउंड वर्कर्स' (आतंकियों के मददगारों) के रूप में लगभग 2,000 लोगों को हिरासत में लिया है.

