छात्रों की चिंताओं को कानून-व्यवस्था का मुद्दा न समझें, बल प्रयोग पीड़ादायक: डॉ. मुरली मनोहर जोशी

वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने नई दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों को लेकर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र कई दिनों से राजधानी की सड़कों पर अपनी मांगों और चिंताओं को लेकर एकत्रित हैं, जिनका समाधान संवेदनशीलता और दूरगामी दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए.

डॉ. जोशी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि छात्रों की चिंताएं वास्तविक हैं और उन्हें केवल कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और संबंधित संस्थाएं इस मुद्दे को सहानुभूति के साथ समझेंगी तथा इसका समाधान बलपूर्वक कार्रवाई के बजाय संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से किया जाएगा.

उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुए बल प्रयोग, विशेषकर महिलाओं और युवतियों के साथ कथित तौर पर की गई सख्ती पर गहरा दुख व्यक्त किया. डॉ. जोशी ने कहा कि महिलाओं और युवतियों पर निर्मम बल प्रयोग की खबरें देखकर उन्हें अत्यंत पीड़ा हुई है.

अपने बयान में उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रकार की कार्रवाई भारतीय समाज को "विकसित भारत" के लक्ष्य से दूर ले जा सकती है. उनके अनुसार, एक लोकतांत्रिक समाज में युवाओं की आवाज को सुनना और उनकी समस्याओं का संवेदनशील समाधान निकालना आवश्यक है.

डॉ. जोशी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब नई दिल्ली में छात्रों और युवाओं का विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

Previous
Previous

जेन-ज़ी का विरोध प्रदर्शन 'गैर-गंभीर' नहीं, बल्कि मोदी की गढ़ी हुई छवि को चुनौती देती सविनय अवज्ञा है

Next
Next

झारखंड की सरकारी भर्ती परीक्षा में 75 फीसदी अभ्यर्थी नहीं दे सके परीक्षा, कई ने देर से मिले ईमेल और दूरस्थ परीक्षा केंद्रों को ठहराया जिम्मेदार