‘उन्होंने मुझे आतंकवादी कहा’: हरियाणा और पंजाब में कश्मीरियों के खिलाफ हेट क्राइम्स बढ़ रहे हैं

हरियाणा और पंजाब में हेट क्राइम्स बढ़ रहे हैं. शनिवार (17 अक्टूबर) देर रात हरियाणा के करनाल के पास एक ढाबे पर जम्मू-कश्मीर जा रही एक निजी स्लीपर बस पर हमला किया गया. बस के ड्राइवर ने आरोप लगाया कि बस की नंबर प्लेट देखकर उपद्रवियों ने वाहन पर पत्थर और ईंटें बरसानी शुरू कर दीं - जिससे उसकी खिड़कियां टूट गईं - और उसे "आतंकवादी" कहा गया. इस हमले में दो लोग घायल हो गए.

ड्राइवर वकार चौधरी ने ‘पीटीआई’ को बताया कि यह घटना श्रीनगर जाते समय रात के खाने के ब्रेक के लिए बस रुकने पर हुई. उनके अनुसार, पार्किंग क्षेत्र में मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें वाहन हटाने के लिए कहा और कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की. उन्होंने कहा, "उन्होंने मुझे आतंकवादी कहा." उन्होंने आगे बताया कि टकराव बढ़ने से पहले उस व्यक्ति ने बस की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया और चाबी से एक खिड़की पर वार किया.

जल्द ही अन्य लोग भी उस व्यक्ति के साथ शामिल हो गए और चौधरी की बस में तोड़फोड़ की. उन्होंने आरोप लगाया कि समूह ने राजमार्ग पर जम्मू-कश्मीर में पंजीकृत वाहनों के संचालन को रोकने की धमकी भी दी.

चौधरी ने कहा, "हमलावर ने यात्रियों के सामने मुझे गालियां दीं और मुझे वाहन से बाहर खींचने की कोशिश की. होटल के कर्मचारियों ने बीच-बचव किया और मेरी रक्षा के लिए मुझे अंदर ले गए. इस बीच, उस व्यक्ति ने कुछ अन्य लोगों को फोन किया, जो मोटरसाइकिल पर पहुंचे. घटना में उनमें से तीन या चार लोग शामिल थे, और उन्होंने बस में तोड़फोड़ की."

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हरियाणा सरकार के सामने इस घटना को उठाया और राज्य में जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा को लेकर कार्रवाई की मांग की. 'द ट्रिब्यून' के अनुसार, "मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस घटना तथा यात्रियों की सुरक्षा और भलाई को लेकर हरियाणा सरकार को अपनी चिंता से अवगत करा दिया है. हरियाणा प्रशासन ने कानून के अनुसार त्वरित और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है."

इस घटना पर जेएंडके के राजनीतिक प्रतिनिधियों की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं. कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक ने ‘एक्स’ पर लिखा, "जेएंडके में पंजीकृत वाहनों के खिलाफ धमकियों की खबरें लोगों में चिंता पैदा कर रही हैं. जिम्मेदार लोगों को कश्मीरी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए."

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी  ने हमले की निंदा करते हुए कहा, "कश्मीरियों का दोष क्या है? किसी को केवल इसलिए अपनी जान का डर क्यों होना चाहिए क्योंकि उसके वाहन पर जम्मू-कश्मीर की पंजीकरण संख्या है?"

खुएहामी ने दावा किया कि घटना के बाद एक कश्मीरी यात्री को कथित तौर पर पुलिस ने दो घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा. अधिकारियों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि हमले के शिकार व्यक्ति को बिना किसी स्पष्ट कारण के क्यों हिरासत में लिया गया, जबकि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कथित तौर पर खुलेआम घूमने दिया गया.

खुएहामी ने कहा, "कश्मीरियों के प्रति नफरत को सामान्य नहीं बनाया जा सकता है. इस देश के किसी भी नागरिक, जिसमें कश्मीरी भी शामिल हैं, को अपनी पहचान या मूल स्थान के कारण हमला किए जाने के डर से किसी अन्य राज्य से यात्रा करने से पहले दो बार नहीं सोचना चाहिए. सुरक्षित, स्वतंत्र और सम्मान के साथ यात्रा करने का अधिकार देश के हर नागरिक का मौलिक अधिकार है."

पुलिस ने इस मामले के सिलसिले में दो लोगों को हिरासत में लिया है. यह हमला कोई अकेली घटना नहीं है. सोमवार (19 अक्टूबर) को, खुएहामी ने पंजाब में कश्मीर जाने वाली यात्री बस पर एक और हमले की सूचना दी. हमलावरों ने कथित तौर पर पथराव किया और वाहन की खिड़कियों को तोड़ने का प्रयास किया. यह घटना लुधियाना के दोराहा की है.

Previous
Previous

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: क्यों फडणवीस सरकार के लिए सिर्फ लॉ एंड ऑर्डर का मामला नहीं है

Next
Next

सेवंती नाइनन | सत्ता का दबाव और मीडिया का अटूट साहस