महाराष्ट्र में मवेशी ले जा रहे दलित व्यक्ति को ‘गौ रक्षकों’ ने जबरन गोबर खिलाया; अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं

महाराष्ट्र के जालना जिले से खरीदे गए एक बैल को बेचने की कोशिश करने का आरोप लगाकर एक दलित व्यक्ति के साथ कथित तौर पर मारपीट करने और उसे जबरन मवेशी का गोबर खिलाने के आरोप में संदिग्ध छह 'गौ रक्षकों' पर मामला दर्ज किया गया है. ये सभी बजरंग दल के सदस्य बताए जाते हैं. पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि इन गौ रक्षकों ने उसके साथ यात्रा कर रहे उसके 11 वर्षीय बेटे को भी अपमानित करने की धमकी दी.

अधिकारियों ने बताया कि हालांकि यह घटना मई 2026 में हुई थी, लेकिन पीड़ित ने गुरुवार (27 अगस्त 2026) को तब प्राथमिकी दर्ज कराई, जब कथित हमले का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया. छह आरोपियों की पहचान वेंकटेश भगत, अर्जुन सिंह, शिवराज पिछाड़े, सोमेश पाटिल, यश सरकारते और रितेश देशमुख के रूप में की गई है.

योहान वर्गीज़ की रिपोर्ट के अनुसार, पेशे से ट्रक ड्राइवर, शिकायतकर्ता परमेश्वर सुहास हिवाले ने पुलिस को बताया कि वह अपने 11 वर्षीय बेटे और परिचित नारायण मारोती कांबले के साथ जालना लौट रहा था. कांबले ने देउलगांव राजा कस्बे के साप्ताहिक मवेशी बाजार से एक बैल खरीदने के लिए उसकी सेवाएं ली थीं.

खुद को बजरंग दल का सदस्य और 'गौ रक्षक' बताने वाले एक समूह ने कथित तौर पर मोटरबाइकों पर उनका पीछा किया और जालना के कन्हैयानगर इलाके में उनके बंद पिक-अप ट्रक को रोक लिया. एक आरोपी ने पीड़ित की शर्ट का कॉलर पकड़ लिया और उससे पूछा कि ट्रक में क्या है, जिस पर हिवाले ने कहा कि उनके पास एक बैल है जिसे कांबले ने कानूनी रूप से खरीदा था और सबूत के तौर पर दस्तावेज भी दिखाए. हालांकि, उन्होंने उसकी एक न सुनी और उसे थप्पड़ मार दिया. जब हिवाले ने उसके नाम और जाति के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दिया, तो उन्होंने कथित तौर पर उस पर जातिसूचक गालियां बरसाईं.

इसके बाद एक आरोपी ने ट्रक के पिछले हिस्से से कुछ गोबर निकाला और अपने साथी को दे दिया, जिसने जबरन उसे पीड़ित के मुंह में ठूंस दिया. उन्होंने उसके बेटे के साथ भी ऐसा करने की कोशिश की, लेकिन हिवाले ने जाहिर तौर पर उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. यह पूरी घटना मोबाइल फोन में रिकॉर्ड की गई और आरोपियों ने हिवाले और उसके नाबालिग बेटे को सड़क पर नग्न करने की धमकी दी. उन्होंने कांबले की भी पिटाई की और थप्पड़ मारे, साथ ही इस प्रक्रिया में वाहन को भी नुकसान पहुंचाया.

आरोपियों ने पीड़ित को पुलिस को घटना की जानकारी देने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी और हिवाले पर एक मुस्लिम कसाई को बैल बेचने की योजना बनाने का आरोप लगाया. छह आरोपियों में से किसी को भी अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, और जांच जारी है.

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