आरबीआई सर्वे: खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतों से भारत में घरेलू महंगाई बढ़ने की आशंका
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के एक सर्वेक्षण से बुधवार को यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय परिवारों को महंगाई और बढ़ने की आशंका है. यह इस बात का संकेत है कि भोजन और ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर अब मुख्य (हेडलाइन) मुद्रास्फीति से आगे भी दिखाई देने लगा है.
‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए भारतीय केंद्रीय बैंक ने बुधवार को लगभग चार वर्षों में पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की. परिवारों की मुद्रास्फीति की उम्मीदों पर बारीक नज़र रखी जाती है क्योंकि यह लोगों के खर्च करने के तौर-तरीकों और वेतन वृद्धि की मांगों को प्रभावित कर सकती हैं. हालांकि, केंद्रीय बैंक ने कहा है कि यह सर्वेक्षण जनभावना को दर्शाते हैं और ये वास्तविक मुद्रास्फीति का सीधा पूर्वानुमान नहीं हैं.
सर्वेक्षण के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: भारतीय रिज़र्व बैंक ने बताया कि सर्वेक्षण अवधि के दौरान मुद्रास्फीति को लेकर लोगों की औसत धारणा सितंबर दौर के सर्वेक्षण में बढ़कर 8.4% हो गई, जो पिछले सर्वेक्षण में 7.8% थी. आरबीआई के अनुसार, अगले तीन महीनों के लिए औसत मुद्रास्फीति की उम्मीदें 9.2% से बढ़कर 9.9% हो गईं, जबकि एक साल के लिए यह अनुमान 9.4% से बढ़कर 10.0% पर पहुँच गया. यह सर्वेक्षण 10 सितंबर से 20 सितंबर के बीच देश के 19 प्रमुख शहरों में आयोजित किया गया था, जिसमें 5,987 लोगों की प्रतिक्रियाएं शामिल की गईं. केंद्रीय बैंक ने कहा कि दोनों समय-सीमाओं (तीन महीने और एक साल) के लिए सामान्य मुद्रास्फीति बढ़ने की उम्मीद करने वाले उत्तरदाताओं का प्रतिशत भी बढ़ा है.

