जन्मजात नागरिकता खत्म करने के प्रयास पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की रोक, लेकिन ट्रम्प के तेवर कड़े
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कांग्रेस (अमेरिकी संसद) से जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने का आग्रह किया. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाले लोगों के लिए जन्म के समय नागरिकता को सीमित करने के प्रयास पर रोक लगाकर उनके प्रशासन को एक बड़ा झटका दिया था.
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, "सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता को बरकरार रखा है, जो हमारे देश के लिए बहुत बुरा है, लेकिन हम कांग्रेस में कानून (कानूनी विधेयक) के जरिए इसकी भरपाई आसानी से कर सकते हैं." संविधान के 14वें संशोधन की लंबे समय से चली आ रही न्यायिक व्याख्या के अनुरूप आया यह 6-3 का फैसला इस साल दूसरी बार है जब अमेरिका की सर्वोच्च अदालत ने ट्रम्प की किसी बड़ी पहल को अमान्य किया है. इससे पहले फरवरी में अदालत ने ट्रम्प प्रशासन के वैश्विक टैरिफ (सीमा शुल्क) को रद्द करने का फैसला सुनाया था.
निचली अदालत के फैसले को सर्वोच्च अदालत ने बरकरार रखा
‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, एक निचली अदालत ने इससे पहले ट्रम्प प्रशासन के उस कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें अमेरिकी एजेंसियों को संयुक्त राज्य अमेरिका में पैदा हुए उन बच्चों को अमेरिकी नागरिकता न देने का निर्देश दिया गया था, जिनके माता-पिता में से कोई भी अमेरिकी नागरिक या कानूनी स्थायी निवासी नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने मंगलवार को निचली अदालत के इसी फैसले को बरकरार रखा.
मुख्य न्यायाधीश ने संवैधानिक गारंटियों पर दिया जोर
संशोधन पर कांग्रेस में हुई बहस का हवाला देते हुए, मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा, "नागरिकता, तब भी और आज भी, अधिकार पाने का अधिकार थी — यानी हमारे राजनीतिक समुदाय में स्वतंत्र रूप से भाग लेने का अधिकार. चौदहवें संशोधन के निर्माताओं ने इस वादे को 'इस भूमि में पैदा हुए हर स्वतंत्र व्यक्ति' तक बढ़ाया था."

