महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण को अदालत ने किया बरी
‘रॉयटर्स’ के अनुसार, अदालत ने सोमवार को महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया. यह फैसला उन आरोपों के तीन साल बाद आया है, जिनके कारण उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग को लेकर महीनों तक विरोध प्रदर्शन हुए थे.
अदालत ने वर्ष 2024 में बृजभूषण के खिलाफ पांच महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न और उनकी महिला सुलभ लज्जा को भंग करने के आरोप तय किए थे.
अदालत द्वारा अपना फैसला सुनाए जाने के बाद सिंह ने पत्रकारों से कहा, "मुझे पूरा विश्वास था कि न्याय होगा... और न्याय हुआ. मैंने कभी भी खुद को अपराधी नहीं माना."
समाचार एजेंसी एएनआई के दृश्यों में दिखाया गया कि फैसले के बाद लोग सिंह को माला पहना रहे हैं, उन्हें पारंपरिक भारतीय मिठाइयां खिला रहे हैं और गुलदस्ते भेंट कर रहे हैं.
कार्रवाई की मांग को लेकर सैकड़ों लोगों ने किया था विरोध
भारतीय ओलंपिक कुश्ती स्टार विनेश फोगाट, और ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक तथा बजरंग पुनिया उन सैकड़ों लोगों में शामिल थे, जिन्होंने सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 2023 में नई दिल्ली में धरना दिया था.
विरोध स्वरूप पुनिया ने भारत का एक सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी लौटा दिया था, जबकि साक्षी मलिक ने खेल से संन्यास ले लिया था.
जब सिंह पर पहली बार आरोप सामने आए थे, तब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद भी थे. उन्होंने 2024 में अपना कार्यकाल पूरा किया और उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया. भाजपा ने इसके बजाय उनके बेटे को उसी निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा, जहाँ उन्होंने जीत हासिल की और अब वे सांसद हैं.

