‘भगवान ने आदेश दिया’: सुखबीर बादल पर तलवार से हमला करने वाले निहंग का पुलिस को बयान
‘इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला करने वाले निहंग सिख जसपाल सिंह ने पुलिस पूछताछ में दावा किया है कि उसे यह हमला करने का ‘आदेश’ वाहेगुरु से मिला था. जसपाल के मुताबिक, उसे यह आदेश नांदेड़ के गुरुद्वारे में प्रार्थना के दौरान मिला.
घटना गुरुवार को नांदेड़ के गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी, मुगत में हुई. सुखबीर बादल गुरुद्वारे की सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे, तभी वहां तीन अन्य लोगों के साथ खड़े जसपाल सिंह ने उन पर कृपाण से हमला करने की कोशिश की. इस हमले में बादल के हाथ में चोट आई. उनकी सुरक्षा में तैनात महाराष्ट्र पुलिस का एक अधिकारी भी मामूली रूप से घायल हुआ. दोनों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. सुखबीर बादल को शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है.
हमले के बाद पुलिस ने जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के लिए नांदेड़ पुलिस मुख्यालय ले गई. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में जसपाल ने बताया कि उसने 2023 में सांसारिक जीवन छोड़ दिया था. उसने पुणे में अपनी पत्नी और बेटी को छोड़कर नांदेड़ में निहंग संप्रदाय के सेवादार के रूप में रहना शुरू किया था.
पुलिस ने बताया कि जसपाल सिंह पेशे से वकील रहा है और निहंग बनने से पहले मुंबई की एक कॉरपोरेट फर्म में काम करता था. पूछताछ में उसने दावा किया कि हमला किसी पूर्व योजना के तहत नहीं किया गया था और उसने अकेले ही यह कदम उठाया.
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, जसपाल ने पूछताछ के दौरान कई कारणों का जिक्र किया है. इनमें पंजाब की मौजूदा स्थिति और वहां की नशीली दवाओं की समस्या भी शामिल है. अधिकारी ने कहा कि अब तक की जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि हमले में उसे बाहर से किसी व्यक्ति की मदद मिली हो.
पुलिस के मुताबिक, जसपाल ने शुरुआती पूछताछ में यह भी कहा था कि उसने सुखबीर बादल पर हमला ‘आवेश में’ किया. हालांकि, बाद में उसने अपने बयान में कहा कि उसे भीतर से हमला करने का आदेश महसूस हुआ था और इसे वाहेगुरु का आदेश बताया.
नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने बताया कि जसपाल सिंह को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस उसकी हिरासत की मांग करेगी. पुलिस अब उसके बयानों की जांच करने के साथ-साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे वास्तव में कोई बड़ी साजिश थी या नहीं.
फिलहाल पुलिस की शुरुआती जांच में हमले को जसपाल सिंह का व्यक्तिगत कदम माना जा रहा है. हालांकि, उसके बयानों और हमले की परिस्थितियों की विस्तृत जांच अभी जारी है.

