कोयंबटूर के एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र (जो अनुसूचित जाति समुदाय से ताल्लुक रखता था) ने अपनी जाति और खान-पान की आदतों को लेकर कुछ सहपाठियों और एक शिक्षक द्वारा कथित उत्पीड़न के बाद बुधवार (21 अक्टूबर, 2026) को आत्महत्या कर ली.
छात्र ए. अकिलन की मां ने आरोप लगाया कि शिक्षक विजयकुमार ने दो महीने पहले कक्षा में बीफ (गोमांस) खाने वाले अपने बेटे सहित पांच छात्रों को खड़ा किया था.
पीलामेडू पुलिस ने बुधवार देर रात दो छात्रों, विजयकुमार और स्कूल के प्राचार्य अरुणकुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य अपराधों के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को विजयकुमार से पूछताछ की.
‘द हिंदू’ ब्यूरो के अनुसार, 16 वर्षीय अकिलन बुधवार सुबह 8 बजे अपनी मां ए. कौशल्यादेवी को स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था. महिला, जो भारती कॉलोनी में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती है, दोपहर करीब 1 बजे खाना खाने घर लौटी तो उसने सामने का दरवाजा खुला पाया. अंदर देखने पर उसने अपने बेटे को मृत पाया.
छात्र की मां ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि विजयकुमार ने दो महीने पहले छात्रवृत्ति के लिए नाम दर्ज कराने के उद्देश्य से कक्षा में अनुसूचित जाति समुदाय के छात्रों के बारे में पूछताछ की थी. अकिलन ने इसके लिए अपना नाम दर्ज कराया था. महिला ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने कक्षा में यह भी पूछा कि कितने छात्र बीफ खाते हैं, जिस पर अकिलन और चार अन्य छात्र खड़े हो गए. उसने शिकायत में कहा कि तभी से दो सहपाठी अकिलन को उसकी जाति को लेकर प्रताड़ित और मारपीट कर रहे थे.
हालांकि अकिलन ने अपने सहपाठियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की शिकायत विजयकुमार से की थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उनके बेटे ने प्राचार्य अरुणकुमार से शिकायत की, तो वे भी उचित कार्रवाई करने में विफल रहे. महिला के अनुसार, उसने इन घटनाओं को लेकर स्कूल प्रशासन से सवाल करने का विचार इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि अकिलन को डर था कि उसे और अधिक अलग-थलग तथा निशाना बनाया जाएगा.

