पश्चिम बंगाल एसआईआर: 18.78 लाख अपीलें लंबित, मुर्शिदाबाद में 3.72 लाख मामलों पर सिर्फ 275 फैसले
‘मकतूब मीडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की 18.78 लाख से अधिक अपीलों पर 28 सितंबर तक फैसला लंबित था. सिविक रिसर्च ग्रुप (सीआरजी) की रिपोर्ट के अनुसार, 23 जिलों की सभी 294 विधानसभा सीटों से हटाए गए मतदाताओं की 19,15,941 अपीलें दर्ज की गई थीं. इनमें सिर्फ 37,272 मामलों में न्यायाधिकरण का फैसला दर्ज हुआ, जबकि 18,78,669 अपीलें यानी 98.05 प्रतिशत मामले लंबित थे.
दर्ज फैसलों में 30,828 अपीलों को मंजूरी मिली और 6,444 खारिज हुईं. मंजूर अपीलों की हिस्सेदारी 82.71 प्रतिशत रही. हालांकि, सीआरजी ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में फैसला दर्ज हुआ, वे कुल अपीलों की तुलना में बहुत कम और अलग-अलग क्षेत्रों में असमान रूप से वितरित हैं. इसलिए इन फैसलों के आधार पर लंबित अपीलों के संभावित परिणाम का अनुमान नहीं लगाया जा सकता.
रिपोर्ट तैयार करने के लिए एसआईआर के दौरान हटाए गए 27,05,162 मतदाताओं के रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया. इनमें से 25,75,663 मतदाता पहचान संख्या यानी ईपीआईसी नंबर को संसाधित किया गया. चुनाव आयोग के पोर्टल पर 23,42,259 ईपीआईसी नंबरों की पुष्टि हुई. इसी सत्यापित समूह के आधार पर अपील से जुड़े आंकड़े तैयार किए गए.
सत्यापित ईपीआईसी नंबर वाले मतदाताओं में 81.80 प्रतिशत के लिए अपील दर्ज थी. इनमें 17,67,095 यानी 92.23 प्रतिशत आवेदन ऑनलाइन और 1,48,846 यानी 7.77 प्रतिशत आवेदन ऑफलाइन थे. 4,26,318 रिकॉर्ड को ‘आवेदन नहीं किया’ श्रेणी में रखा गया, लेकिन सीआरजी ने कहा कि इसमें ऐसे मतदाता भी हो सकते हैं जिनकी ऑफलाइन अपील अभी पोर्टल पर दर्ज नहीं हुई है.
रिपोर्ट के अनुसार, हुगली में 20,703 मामलों में फैसले दर्ज हुए, जो राज्य में दर्ज कुल फैसलों का 55.55 प्रतिशत है. वहीं 31 विधानसभा क्षेत्रों में किसी भी अपील पर कोई फैसला दर्ज नहीं हुआ.
मुर्शिदाबाद में 3.72 लाख अपीलें, सिर्फ 275 फैसले
वहीं मुर्शिदाबाद में एसआईआर के दौरान हटाए गए मतदाताओं की स्थिति और भी गंभीर रही. सीआरजी के 28 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 3,72,240 अपीलें दर्ज थीं, लेकिन केवल 275 मामलों में फैसला दर्ज हुआ. इनमें 260 अपीलें मंजूर और 15 खारिज की गईं. इस तरह 3,71,965 अपीलें लंबित थीं.
मुर्शिदाबाद में 22 विधानसभा क्षेत्रों से 4,44,337 मतदाताओं के नाम हटाए गए थे. शोधकर्ताओं ने इनमें से 3,85,456 ईपीआईसी नंबरों की चुनाव आयोग के पोर्टल पर पुष्टि की, जिनमें 3,72,240 मतदाताओं के लिए अपील दर्ज थी. जिले में सत्यापित मतदाताओं के मुकाबले अपील दर्ज होने की दर 96.57 प्रतिशत थी, जो रिपोर्ट में शामिल 23 जिलों में सबसे अधिक रही.
समसेरगंज में 71,985 मतदाताओं के नाम हटाए गए थे. सत्यापित 64,269 ईपीआईसी नंबरों में से 62,639 के लिए अपील दर्ज हुई, लेकिन सिर्फ नौ मामलों में फैसला हुआ. लालगोला में 51,206 अपीलों में केवल 11 और भागीरथबागोला में 37,801 अपीलों में सिर्फ 10 मामलों पर फैसला दर्ज किया गया.
सीआरजी ने कहा कि अधिक संख्या में अपील दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि उनके निपटारे की गति भी उसी अनुपात में रही. रिपोर्ट यह स्पष्ट नहीं करती कि व्यक्तिगत मामले लंबित क्यों हैं या प्रत्येक अपील कितने समय से फैसले का इंतजार कर रही है.
सीआरजी ने यह भी बताया कि चुनाव आयोग अपीलों की स्थिति पर कोई समेकित रिपोर्ट प्रकाशित नहीं करता. इसलिए शोधकर्ताओं को प्रत्येक मतदाता पहचान संख्या के आधार पर स्थिति की जांच करनी पड़ी. रिपोर्ट में उपलब्ध आंकड़ों को अंतिम निष्कर्ष के बजाय परिचालन संकेतक बताया गया है. अपूर्ण रिकॉर्ड, पोर्टल की प्रतिक्रियाएं और समय के अंतर के कारण आंकड़ों में बदलाव संभव है.

