आप में फूट: राघव चड्ढा ने बगावत की, 6 सांसदों के साथ भाजपा में शामिल, मित्तल को 10 दिन पहले ईडी ने घेरा था

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के साथ भाजपा में शामिल हो गए हैं. अपने सहयोगियों संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चड्ढा ने कहा, “हमने यह निर्णय लिया है कि राज्यसभा में 'आप' से संबंधित दो-तिहाई सदस्य होने के नाते, हम भारत के संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए भाजपा में अपना विलय करते हैं.”

चड्ढा ने आगे कहा, “हमारे अलावा, इसमें हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी शामिल हैं.”

‘एक्सप्रेस वेब डेस्क’ के अनुसार, यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब 'आप' पंजाब में चुनावों की तैयारी कर रही है, जहाँ वह सत्ता में है. यदि चड्ढा का अपने साथ कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने का दावा सच है, तो बागी नेता दलबदल विरोधी कानून के दायरे से भी बाहर रहेंगे.

राघव चड्ढा और पार्टी के अन्य छह राज्यसभा सदस्यों की इस बगावत पर आप नेता अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “भाजपा ने एक बार फिर पंजाबियों को झटका दिया है.” यहां यह उल्लेखनीय है कि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने 10 दिन पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी का सामना किया था. ईडी के छापे के पहले आम आदमी पार्टी ने मित्तल को राघव चड्ढा की जगह उच्च सदन में पार्टी का उप-नेता नियुक्त किया था. ‘आप' के भीतर उनके बढ़ते कद और पार्टी छोड़ने के समय को देखते हुए, उनके इस अचानक हृदय परिवर्तन ने पंजाब और उससे बाहर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है. साल 2022 से पहली बार सांसद बने मित्तल ने पारिवारिक मिठाई व्यवसाय से ऊपर उठकर एक बड़े निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की है.

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