उत्तराखंड सामूहिक बलात्कार मामला: पुलिस द्वारा भाजपा नेता को क्लीन चिट दिए जाने पर विरोध प्रदर्शन तेज

चंपावत पुलिस ने शुक्रवार को दावा किया कि 16 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार "पुरानी रंजिश" का परिणाम था. पुलिस ने आरोपी को ऐसे समय में क्लीन चिट दी है जब कांग्रेस और स्थानीय लोग उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के खिलाफ अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

‘द टेलीग्राफ’ में पीयूष श्रीवास्तव की रिपोर्ट है कि एक किसान ने पूर्व भाजपा मंडल उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत सहित तीन लोगों पर अपनी किशोर बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार करने का आरोप लगाया है. यह घटना 5 मई की है, जब उसकी बेटी परिवार के एक परिचित के साथ दवाइयां और अन्य सामान खरीदने बाहर गई थी. पुलिस ने बुधवार को एक डेयरी से बंधी हुई लड़की को छुड़ाने के बाद विनोद कुमार रावत, नवीन कुमार रावत और पूरन सिंह रावत के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था.

तब से उत्तराखंड के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. गौरतलब है कि इसी राज्य में 2022 में एक रिसॉर्ट की 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई थी, क्योंकि उसने एक वीआईपी मेहमान को "विशेष सेवा" देने से इनकार कर दिया था. उस घटना के बाद ऋषिकेश रिसॉर्ट के मालिक और भाजपा नेता विनोद कुमार आर्य को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. उनका बेटा पुलकित आर्य और रिसॉर्ट के दो प्रबंधक वर्तमान में उस हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं.

शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन पिथौरागढ़ शहर के एक चौराहे पर प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और धामी सरकार का पुतला फूँका. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सरकार चंपावत मामले के आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है.

पिथौरागढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पंत ने कहा: "हर बार, वे (भाजपा) पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय अपने नेताओं को बचाना शुरू कर देते हैं. यहाँ महिलाएँ असुरक्षित हैं."

इसी तरह के विरोध प्रदर्शन ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और ऋषिकेश में भी आयोजित किए गए.

पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि वह विनोद के साथ अपने पिता के लिए दवाइयां खरीदने गई थी. चंपावत कोतवाली पुलिस को दिए गए उसके बयान के अनुसार: "उसने मुझे गुमराह किया और सल्ली (चंपावत जिला) ले गया, जहाँ उसने, उसके दोस्त नवीन सिंह रावत और पूरन सिंह रावत ने मेरे साथ मारपीट की और फिर मुझे रस्सी से बाँध दिया."

चंपावत की पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने कहा: "लड़की अपनी मर्जी से एक शादी में गई थी. घटना के समय नामित आरोपी वहाँ मौजूद नहीं थे. लड़की के पिता की उन लोगों के साथ पुरानी रंजिश है, जिन पर उन्होंने अपराध करने का आरोप लगाया है." अधिकारी ने यह भी कहा, "लड़की के शरीर पर संघर्ष के या किसी आंतरिक या बाहरी चोट के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं." पुलिस ने सामूहिक बलात्कार के मामले में तीनों आरोपियों को फँसाने की साजिश रचने के आरोप में कमल रावत और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा: "तथ्य यह है कि लड़की नाबालिग है और पुलिस उसे लगातार डरा-धमका रही है. पुलिस आरोपियों को बचाने के लिए इसलिए दृढ़ है क्योंकि उन्हें सरकार को बचाना है."

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