अमिताव घोष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की सीजेपी की मांग का समर्थन किया

ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त लेखक-साहित्यकार अमिताव घोष ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान देशभर की मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नामों को हटाए जाने की ओर इशारा किया.

‘टेलीग्राफ वेब डेस्क’ के अनुसार, अमिताव घोष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "इस समय भारत में जो कुछ हो रहा है, उस पर पूरी दुनिया को ध्यान देना चाहिए. मतदाता सूची से बड़ी संख्या में मतदाताओं को व्यवस्थित तरीके से हटाने के लिए कंप्यूटर प्रोग्राम का इस्तेमाल किया गया है. लेकिन भारत की जेन-जी इसे समझ चुकी है और अब माहौल बदल रहा है.

सीजेपी ने गुरुवार को "इलेक्शन कमीशन ठीक करो" अभियान की घोषणा की थी. उसका ध्यान पिछले साल जून में शुरू हुए एसआईआर अभ्यास के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रारूप मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नामों को बाहर किए जाने पर केंद्रित है. उसने 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है.

तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें मतदाता सूची में कथित तौर पर "हेरफेर" करने के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है.

एक वकील ने सर्वोच्च न्यायालय की कथित अवमानना के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मुकदमा चलाने के लिए अटॉर्नी-जनरल आर. वेंकटरमणी से वैधानिक मंजूरी भी मांगी है. ब्रजेश सिंह ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्टों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि कुमार ने शीर्ष अदालत के उस निर्देश का उल्लंघन किया है जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयोग फैसले सामूहिक रूप से ले, न कि एकतरफा. इस बीच ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष द्वारा दबाव बढ़ाए जाने के बीच कांग्रेस पार्टी ने देश भर में विरोध प्रदर्शन किया. नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर, आईसा द्वारा कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया.

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