तीन लोगों को निर्वस्त्र कर घुमाने के आरोपियों को कोलकाता पुलिस ने उसी इलाके में घुमाया

‘मकतूब मीडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता पुलिस ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को दक्षिण कोलकाता के सरसुना इलाके में तीन आरोपियों को उसी मोहल्ले में घुमाया, जहाँ दो किशोरों और एक पिता को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर सड़कों पर चलने के लिए मजबूर किया गया था. पुलिस ने आरोपियों की कमर में रस्सियाँ बाँधकर और उन्हें बिना कमीज के इलाके में घुमाया. नागरिक स्वतंत्रता के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे मुकदमा चलने से पहले सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और सजा देने जैसा बताया.

इस मामले में पुलिस ने घटना के एक दिन बाद तीन पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि सरसुना में उन्होंने तीन लोगों के साथ मारपीट की, उनके कपड़े उतरवाए और उन्हें निर्वस्त्र होकर सड़कों पर चलने के लिए मजबूर किया. मंगलवार को आरोपियों को इलाके में घुमाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ.

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स (एपीडीआर) के सचिव रणजीत सूर ने ‘द हिंदू’ से कहा कि आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत मुकदमा चलना चाहिए, लेकिन पुलिस की ऐसी कार्रवाई भी गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि पुलिस राज्य का प्रतिनिधित्व करती है और उसे अदालत की प्रक्रिया से पहले किसी को सजा देने का अधिकार नहीं है. उनके अनुसार, इस तरह की कार्रवाई ‘आँख के बदले आँख’ की सोच को बढ़ावा देती है और बदले की भावना से तत्काल सजा देने को सामान्य बना सकती है.

सूर ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाइयों को सामान्य मान लिया गया, तो लोग कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा करने के बजाय खुद ही सजा देने को उचित समझने लग सकते हैं.

सरसुना में क्या हुआ था?

यह घटना रविवार रात, 25 अक्टूबर को हुई थी. पुलिस के अनुसार, 18 वर्षीय एक युवक अपने दोस्त के साथ मोहल्ले की 13 वर्षीय लड़की से मिलने गया था. आरोप है कि लड़की के परिवार के सदस्यों ने दोनों किशोरों को पकड़कर उनके साथ मारपीट की. उनमें से एक के पिता जब मौके पर पहुँचे, तो उनके साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई.

आरोप है कि इसके बाद तीनों को बंदूक दिखाकर धमकाया गया और कपड़े उतारकर इलाके की सड़कों पर निर्वस्त्र चलने के लिए मजबूर किया गया. पीड़ित 18 वर्षीय युवक ने ‘द हिंदू’ को बताया कि आरोपियों ने उसके पिता को बंदूक दिखाकर धमकाया और उनसे कहा कि वे या तो अपने बेटे को गोली मार दें या निर्वस्त्र होकर घर लौटें. युवक के अनुसार, इसके बाद तीनों को अपमानित करते हुए निर्वस्त्र घर लौटने के लिए मजबूर किया गया.

कोलकाता पुलिस के मुताबिक, पीड़ितों को आरोपियों के घर के बाहर की गली में लगभग 50 मीटर तक निर्वस्त्र चलाया गया. इसके बाद एक पीड़ित के पिता ने सरसुना थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया और गिरफ्तारियाँ हुईं.

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप सरकार, लड़की के पिता; राहुल बर्मन उर्फ भुलु, उसके मामा; और रिंकू सरकार, उसकी माँ के रूप में की है. मामले में एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जाँच के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज जुटाए जा रहे हैं.

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