श्रवण गर्ग | राहुल गांधी के आरोप और राधिका चोपड़ा की रिपोर्ट अलग-अलग बातें हैं

'हरकारा डीप डाइव' में निधीश त्यागी ने वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के साथ चुनाव आयोग को लेकर सामने आए विवाद, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट और राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बदलते घटनाक्रम पर चर्चा की. बातचीत में यह सवाल केंद्र में रहा कि चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों के बीच कथित असहमति के पीछे आखिर क्या है और आने वाले दिनों में इसका क्या असर हो सकता है.

श्रवण गर्ग ने शुरुआत में 48 घंटे के इस्तीफे के अल्टीमेटम को ज्यादा महत्व नहीं दिया और कहा कि चर्चा का केंद्र तीन घटनाएं होनी चाहिए—रितिका चोपड़ा की इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट, सरकार की प्रतिक्रिया और राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस. उनके मुताबिक, राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को समझना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े अपने पुराने आरोपों को फिर दोहराया और कहा कि उनके पास इससे संबंधित सबूत हैं.

बातचीत में चुनाव आयोग के भीतर पिछले 10 महीनों से चल रही कथित असहमति पर विशेष चर्चा हुई. श्रवण गर्ग ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कई असहमति पत्र दर्ज किए जाने का मुद्दा रिपोर्ट के केंद्र में है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दोनों चुनाव आयुक्त लगातार आपत्तियां दर्ज कर रहे थे, तो इन घटनाक्रमों की जानकारी इतने लंबे समय तक सार्वजनिक चर्चा में क्यों नहीं आई.

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का आधार क्या था और असहमति पत्र पत्रकार तक किस माध्यम से पहुंचे. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह रितिका चोपड़ा की पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठा रहे हैं, बल्कि इन दस्तावेजों के सामने आने और पूरी रिपोर्टिंग प्रक्रिया को समझने की जरूरत बता रहे हैं.

श्रवण गर्ग ने खोजी पत्रकारिता के दो तरीकों का जिक्र किया—किसी स्रोत से मिली सूचना के आधार पर जांच शुरू करना या दस्तावेजों के जरिए किसी मामले की पड़ताल करना. उनके मुताबिक, इस मामले में यह जानना महत्वपूर्ण है कि पत्रकार को शुरुआती सूचना कैसे मिली और उसके बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ी.

बातचीत में राहुल गांधी के आरोपों और इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट को दो अलग-अलग घटनाक्रम के रूप में देखने पर भी जोर दिया गया. अंत में श्रवण गर्ग ने कहा कि यह मामला अभी खत्म होता नहीं दिख रहा और आने वाले समय में इसके और पहलू सामने आ सकते हैं.

पूरी बातचीत हरकारा रोज़ाना के यूट्यूब चैनल पर सुन सकते हैं.

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