अभिजीत दीपके के राजनीतिक कदमों से बढ़ी चिंताओं के बीच परिवार ने बदला ठिकाना

अभिजीत दिपके फाइल फोटो

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के मुताबिक, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संस्थापक, अभिजीत दीपके के परिवार ने छत्रपति संभाजीनगर एमआईडीसी वलुज इलाके स्थित अपना घर अस्थायी रूप से छोड़ दिया है. परिवार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब अमेरिका के बोस्टन से अभिजीत दीपके 6 जून को दिल्ली पहुंचकर शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं.

घर के बाहर पुलिस तैनात है, लेकिन परिवार फिलहाल वहां नहीं रह रहा है. हालांकि अभिजीत के पिता भगवानराव दीपके ने कहा कि परिवार को किसी तरह की धमकी नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि माता-पिता होने के नाते उनकी चिंताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन अभिजीत ने भरोसा दिलाया है कि वह कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे.

भगवानराव दीपके, जो महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) से इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में बेटे को अभियान शुरू करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की सलाह दी थी. लेकिन अभिजीत अपने फैसले पर कायम रहे. उन्होंने कहा, "जब कोई व्यक्ति किसी बात को लेकर दृढ़ निश्चय कर लेता है तो उसे समझाना मुश्किल होता है."

अभिजीत दीपके ने 6 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पर समर्थकों को एकत्र होने का आह्वान किया है. उनका कहना है कि वह एयरपोर्ट से जंतर-मंतर तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाएंगे.

इस बीच मानवाधिकार कार्यकर्ता और अधिवक्ता असीम सरोदे ने बताया कि अभिजीत दीपके ने उनसे संपर्क किया है और अपने आंदोलन के लिए समर्थन मांगा है. सरोदे के अनुसार, अभिजीत संभावित गिरफ्तारी के लिए भी तैयार हैं.

सरोदे ने कहा कि अभिजीत का मानना है कि नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दे केवल लगभग 30 लाख छात्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके परिवारों को जोड़ने पर यह संख्या 70 से 80 लाख लोगों तक पहुंचती है.

उन्होंने बताया कि अभिजीत ने अपने आंदोलन में शामिल होने के लिए शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, अभिनेता प्रकाश राज, सामाजिक कार्यकर्ता विशंभर चौधरी और वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले समेत कई प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया है.

अभिजीत का कहना है कि वह कोई राजनीतिक दल शुरू करने की योजना नहीं बना रहे हैं और उनका पूरा आंदोलन कानूनी दायरे में रहेगा.

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