तेल की कीमतों में उछाल के साथ भारतीय रुपया 96/यूएसडी के पार, रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला
तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँचने के कारण शुक्रवार को भारतीय रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर तक गिर गया. इससे भारत के बाहरी क्षेत्र की चुनौतियाँ और बढ़ गई हैं, जिसका असर अब आर्थिक संकेतकों पर भी दिखने लगा है.
ईरान में अमेरिका की 'शह और मात'?
10 मई 2026 का लेख “चेक मेट इन ईरान” (ईरान में शह-मात) अमेरिका-इजराइल के ईरान अभियान को अमेरिका की बड़ी रणनीतिक हार बताता है. केगन, एक प्रमुख नव-संरक्षणवादी विचारक, लिखते हैं कि 37 दिनों की हमलों के बावजूद ईरानी शासन नहीं गिरा. ईरान अब हार्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखता है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर उसकी ताकत बढ़ाता है. इससे चीन-रूस मजबूत हुए हैं, अमेरिका की विश्वसनीयता घटी है और विश्व व्यवस्था में अमेरिका का वर्चस्व कम हो रहा है.

