युवल नोआ हरारी | ताक़त, सहयोग और इंसानियत का भविष्य
सेपियंस’ और ‘नेक्सस’ के लेखक युवल नोआ हरारी ने 'द एज़्रा क्लाइन शो' में सोशल मीडिया एल्गोरिद्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वैश्विक राजनीति पर कई चौंकाने वाले विचार रखे हैं. हरारी के अनुसार, AI केवल एक औजार नहीं बल्कि एक स्वतंत्र 'एजेंट' है जो इंसानी भाषा और अंतरंग रिश्तों को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है. इसके अलावा, उन्होंने स्टीफ़न मिलर के 'ताक़त के नियम', उदारवाद के संकट, 7 अक्टूबर के बाद इस्राइल की बदलती नैतिक छवि और सोशल मीडिया की 'उत्तेजना की अर्थव्यवस्था' पर भी बेबाक विश्लेषण साझा किया है. पढ़ें इस वैचारिक संवाद का पूरा सारांश.

