झींगा निर्यात से अरबों की कमाई, लेकिन मजदूर कम वेतन और निगरानी में कैद
भारत की $5 अरब की चमकदार झींगा (श्रिम्प) निर्यात अर्थव्यवस्था के पीछे प्रवासी आदिवासी मजदूरों के गंभीर शोषण की कहानी छिपी है. गुजरात के सूरत जिले के फार्मों पर झारखंड और ओडिशा के मजदूरों को बिना लिखित अनुबंध, न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन और पहचान पत्र जमा कराकर बेहद अमानवीय व असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने पर मजबूर किया जा रहा है. श्रम कानूनों की अनदेखी पर पढ़ें यह विस्तृत रिपोर्ट.

