ग्रेट निकोबार परियोजना: विकास की दौड़ में पीछे छूटते जनजातीय अधिकार
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का सुदूर दक्षिणी हिस्सा, ग्रेट निकोबार, इन दिनों एक विशालकाय विकास परियोजना और उससे उपजे विवादों के केंद्र में है. 92,000 करोड़ रुपये की इस महा-परियोजना का उद्देश्य आर्थिक और रणनीतिक लाभ प्राप्त करना है, लेकिन इसकी कीमत वहां की प्राचीन पारिस्थितिकी और सदियों से रह रही जनजातियों, विशेषकर 'शोंपेन' को चुकानी पड़ रही है.

