भंवर मेघवंशी | राजनीति में जो गाय जिंदा है,वह जमीन पर मर रही है!
‘जैसलमेर की वे तस्वीरें किसी सभ्य समाज के चेहरे पर कालिख की तरह चिपक जानी चाहिए थीं. गर्मी,भूख,प्यास, लापरवाही और सिस्टम की संवेदनहीनता ने उन्हें मार डाला,लेकिन यह देश अजीब है.यहां गाय की लाश पर राजनीति होती है,गाय के जीवन पर नहीं.’ पढ़ें सुपरिचित सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी का पूरा आलेख…

