भारत में दहेज हत्याएं अब सार्वजनिक गुस्से या बहस को नहीं भड़कातीं, अध्ययन में खुलासा
'द गार्डियन' की रिपोर्ट. डॉ. कृति कपिला के नए शोध के मुताबिक भारत में दहेज हत्याओं के आंकड़े बढ़ने के बावजूद सार्वजनिक गुस्सा और राजनीतिक विमर्श गायब; 1988 की तुलना में 2022 में मामले बढ़कर 6,516 हुए.

