हरकारा रोज़ाना हरकारा रोज़ाना

खाना अब सिर्फ भोजन नहीं, एक ऐप है. क्या शहरी भारत में खत्म हो रही है साथ बैठकर खाने की संस्कृति?

'स्क्रोल' में प्रकाशित समाजशास्त्री अंजलि भाटिया की रिपोर्ट. फूड डिलीवरी ऐप्स और क्लाउड किचन के दौर में भारतीय रसोई का बदलता स्वरूप, आधुनिक जीवनशैली और पारिवारिक रिश्तों पर इसके सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण.

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