पति की आर्थिक स्थिति के आधार पर भरण-पोषण का निर्धारण होना चाहिए, न कि पत्नी की एमबीए डिग्री या पिछली कमाई पर: इलाहाबाद हाई कोर्ट
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि पत्नी को मिलने वाले भरण-पोषण का निर्धारण पति की सामाजिक और आर्थिक स्थिति के आधार पर होना चाहिए, न कि केवल पत्नी की शैक्षणिक योग्यता या उसकी पिछली आय को देखकर. अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी महिला का शिक्षित होना या पहले नौकरी करना उसे भरण-पोषण के अधिकार से वंचित नहीं करता.

