कांति बाजपेयी | अमेरिका-भारत का विशेष संबंध अब व्यावहारिक लेन-देन में बदल चुका है
अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ कांति बाजपेयी के इस विशेष वैचारिक आलेख में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, युद्ध मंत्री पीटर हेगसेथ और राजदूत सर्जियो गोर की हालिया कूटनीतिक गतिविधियों के आलोक में भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा की गई है. लेखक के अनुसार, पिछले 30 वर्षों के विपरीत अब दोनों देशों के बीच 'विशेष संबंध' समाप्त हो चुके हैं और भविष्य का एजेंडा सीमित व लेन-देन (Transactional) आधारित होगा. यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख, खाड़ी देशों में मध्यस्थ के रूप में अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को तरजीह देने, चीन के मुकाबले बढ़ते आर्थिक अंतर और क्वाड (Quad) व इंडो-पैसिफिक में भारत की अनिश्चित भूमिका पर पढ़ें यह पूरा भू-राजनीतिक विश्लेषण.

