भारत की आयात निर्भरता चिंताजनक, खतरे के संकेत; विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये पर दबाव बढ़ रहा
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर बिस्वजीत धर ने 'द हिंदू' में लिखे अपने लेख में भारत के गहराते विदेशी मुद्रा संकट का विश्लेषण किया है. वर्ष 2025-26 में भारत का वस्तु व्यापार घाटा रिकॉर्ड 333 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जिसने 1991 के भुगतान संतुलन संकट जैसी खतरनाक घंटी बजा दी है. जानिए भारतीय रुपये और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते इस ऐतिहासिक दबाव के मुख्य कारण.

