सुप्रीम कोर्ट ने यूएपीए मामलों में खराब दोषसिद्धि दर पर जताई चिंता, 94-98 प्रतिशत मुकदमों में आरोपी होते हैं बरी
सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने यूएपीए (UAPA) कानून के तहत दर्ज मुकदमों में बेहद खराब दोषसिद्धि दर (Conviction Rate) पर गंभीर संज्ञान लिया है. एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि देश में 94 से 98 प्रतिशत मामलों का अंत बरी होने के साथ होता है. पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट.

