राकेश कायस्थ | मोदी सरकार का ‘गुप्त’ रोग
राकेश कायस्थ के इस विशेष वैचारिक लेख (फेसबुक वॉल से साभार) में प्रसिद्ध उपन्यास 'राग दरबारी' के पात्र 'वैद्यजी' के बहाने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा तंज कसा गया है. लेखक का तर्क है कि जहाँ सरकार विपक्ष और अन्य मुद्दों (प्रकट रोग) का इलाज आक्रामक तरीके से कर रही है, वहीं देश की आर्थिक बदहाली (गुप्त रोग) का गुपचुप इलाज विफल साबित हो रहा है. लेख में सितंबर 2024 से शुरू हुई कॉर्पोरेट नतीजों में गिरावट, इनकम टैक्स व जीएसटी दरों में कटौती के बेअसर होने, 2 लाख करोड़ रुपये की मुफ्त अनाज योजना, आसमान छूते डॉलर और उच्च शिक्षित युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी जैसे गंभीर आर्थिक मुद्दों का विस्तृत व बेबाक विश्लेषण किया गया है.

