मौलाना बरकतुल्लाह: भारत के ‘पहले प्रधानमंत्री’, जिनका नाम हटाने पर हो रहा है विवाद
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा भोपाल के ऐतिहासिक बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' करने के प्रस्ताव पर राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है. इतिहासकार प्रोफेसर अली नदीम रेज़वी और प्रोफेसर चमन लाल के अनुसार, मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली ने वर्ष 1915 में काबुल में राजा महेंद्र प्रताप (राष्ट्रपति) के साथ मिलकर भारत की पहली अनंतिम/निर्वासित सरकार (Provisional Government) का गठन किया था और इसके 'पहले प्रधानमंत्री' बने थे. गदर पार्टी, हिंदू-मुस्लिम एकता के उनके संदेश और वैश्विक स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

