अरविंद सुब्रमण्यन | निवेश बढ़ाने के लिए शीर्ष पर बैठे लोगों को बदलें
भारत सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) अरविंद सुब्रमण्यन ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' में गिरते रुपये और सुस्त निजी निवेश के संकट पर गंभीर नीतिगत विश्लेषण प्रस्तुत किया है. उनके अनुसार, साल 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरबीआई (RBI) के भारी हस्तक्षेप के बाद भी रुपये में 20% से अधिक की गिरावट आई है, जो केवल ईरान युद्ध नहीं बल्कि नीतिगत अविश्वास का नतीजा है. जानिए क्यों वे कमान संभाल रहे नौकरशाहों और मंत्रियों को बदलने की वकालत कर रहे हैं.

