“लॉरेंस ही कर्म है”: मोदी के भारत का गैंगस्टर जो आइकन बन गया
लॉरेंस बिश्नोई पिछले एक दशक से अधिक समय से उच्च सुरक्षा हिरासत में है. इस दौरान उसका नाम भारत में और कनाडा तक कई हाई-प्रोफ़ाइल हत्याओं से जुड़ा रहा है. उसकी ताक़त, जो अब तक कमज़ोर नहीं हुई दिखती, उसे क्या समझाती है? लॉरेंस की ज़िंदगी पर ‘द गार्डियन’ में प्रकाशित अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट में अतुल देव ने कहा है कि बिश्नोई आज के उस भारत का प्रतीक बन गया है जहाँ कानून के बजाय ताकत की पूजा हो रही है. वह खुद को 'मुख्यधारा' से बाहर रहकर खुश बताता है, और उसके समर्थक उसे एक ऐसे योद्धा के रूप में देखते हैं, जो वह सब हासिल कर रहा है जो वे केवल सपनों में देख सकते हैं. बिश्नोई केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक बदलती हुई सामाजिक मानसिकता का परिणाम है.

