वादा था अवसरों का, युवाओं को मिली त्रुटिपूर्ण परीक्षाएं, चिंता और अतीत के गौरव की याद
भारत ने दुनिया की सबसे कठोर परीक्षा प्रणालियों (NEET, CUET, CBSE) को तो विकसित कर लिया है, लेकिन वह छात्रों को प्रशासनिक जवाबदेही और भावनात्मक सुरक्षा तंत्र देने में विफल रहा है. रिपोर्ट में नीट परीक्षा रद्दीकरण के कारण छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव, सुप्रीम कोर्ट द्वारा छात्र आत्महत्याओं पर जताई गई गंभीर चिंता, एकेडमिक फ्रीडम इंडेक्स 2026 में भारत की गिरती रैंकिंग और अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की रिपोर्ट में उजागर 40% युवा बेरोजगारी के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया गया है. पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ पढ़ें.

