“अब नहीं आऊंगा दोस्त…”: सूरत से पलायन की पीड़ा के बीच नोएडा से तमिलनाडु तक मज़दूर असंतोष
सूरत से एक प्रवासी मज़दूर का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह यह कहते सुनाई दे रहे हैं, “अब नहीं आऊंगा दोस्त, बता देना”. यह वाक्य लाखों मज़दूरों कीसामूहिक पीड़ा और टूटन का प्रतीक बन गया है. ये वही लोग हैं जो छोटे कस्बों और गांवों से बड़े शहरों में रोज़गार की तलाश में आए थे, लेकिन अब परिस्थितियां उन्हें वापस लौटने पर मजबूर कर रही हैं. नोएडा में यह असंतोष खुले विरोध के रूप में सामने आया. हज़ारों फैक्ट्री मजदूर सड़कों पर उतर आए और ऊंचे वेतन तथा बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग करने लगे

