एनसीएल के खदान विस्तार में शहरी-ग्रामीण इलाक़े प्रभावित, कम मुआवज़े पर लोगों की ज़मीन ली जा रही
आर्टिकल 14 की रिपोर्ट के मुताबिक़ मध्य प्रदेश के सिंगरौली शहर में बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़ रहे हैं. शहर का लगभग एक चौथाई हिस्सा कोयला खदान बढ़ाने के लिए खाली कराया जा रहा है. यह खदान नॉर्थेर्न कोलफ़ील्ड्स (एनसीएल) चलती है, जो कोल इंडिया लिमिटेड की कंपनी है. यह विस्तार जयंती और दुधिचुआ ओपनकास्ट खदानों के लिए किया जा रहा है, जबकि जयंती खदान 2034 तक खत्म होने वाली है, यानी आठ साल से भी कम समय में. इसके बावजूद, हज़ारों लोगों को हटाया जा रहा है. वार्ड 3 से 10 तक के लगभग 50,000 निवासी और 22,000 से अधिक घरों व व्यावसायिक ढांचों को हटाने की योजना है.

