उमर खालिद मामले में सुप्रीम कोर्ट को अपने ही फैसले पर संदेह; कहा- यूएपीए मामलों में भी जमानत नियम है और जेल अपवाद
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (18 मई 2026) को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि कड़े आतंकवाद-विरोधी कानून यूएपीए (UAPA) के तहत भी 'जमानत ही नियम है और जेल अपवाद'. न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज करने वाले सुप्रीम कोर्ट के ही पिछले फैसले (गुलफिशा फातिमा केस) पर गंभीर आपत्ति जताई है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
सुप्रीम कोर्ट ने यूएपीए मामलों में खराब दोषसिद्धि दर पर जताई चिंता, 94-98 प्रतिशत मुकदमों में आरोपी होते हैं बरी
सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने यूएपीए (UAPA) कानून के तहत दर्ज मुकदमों में बेहद खराब दोषसिद्धि दर (Conviction Rate) पर गंभीर संज्ञान लिया है. एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि देश में 94 से 98 प्रतिशत मामलों का अंत बरी होने के साथ होता है. पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट.

