सुहास पालशिकर | मोदी की लोकप्रियता से आगे: भारत के नए शासन की संरचना क्या है?
प्रसिद्ध राजनीतिक विज्ञानी सुहास पालशिकर के इस विशेष विश्लेषणात्मक आलेख में वर्ष 2017 से शुरू हुई 'न्यू इंडिया' की परियोजना और स्वतंत्रता के बाद स्थापित संवैधानिक गणराज्य की मूल अवधारणा को मिल रही चुनौतियों का गहरा तार्किक मूल्यांकन किया गया है. लेखक के अनुसार, मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था केवल नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पर नहीं, बल्कि हिंदुत्व के वैचारिक मस्तिष्क, कॉरपोरेट-मीडिया गठजोड़ से प्रभावित नागरिक समाज और राज्य के दमनकारी संस्थागत ढांचे के त्रिकोण पर टिकी है. लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा, स्वतंत्र नागरिक संस्थाओं के सिकुड़ने और समावेशी राष्ट्रीय कल्पना की आवश्यकता पर पढ़ें यह पूरा वैचारिक लेख.

