मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के वादे का क्या हुआ?
'स्क्रोल' में शोएब दानियाल का विश्लेषण: 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के वादों, बदलती समय-सीमाओं और भारत की वास्तविक आर्थिक चुनौतियों की पड़ताल.
पहले 2022, फिर 2025, अब 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी पूरा नहीं कर पाई मोदी सरकार
भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का केंद्र सरकार का लक्ष्य एक बार फिर अपनी तय समयसीमा से चूक गया है. साल 2018 में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित यह लक्ष्य पहले 2022 और फिर वित्त वर्ष 2024-25 तक पूरा होना था, लेकिन मौजूदा जीडीपी आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी 3.6 ट्रिलियन डॉलर (346.4 लाख करोड़ रुपये) पर ही रुकी है, जिससे भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है. लेख में रुपये के अवमूल्यन, विदेशी निवेश की कमी और यूपीए सरकार के 11% सीएजीआर (CAGR) के मुकाबले मोदी सरकार के 12 वर्षों में रही 6% डॉलर जीडीपी विकास दर का तुलनात्मक विश्लेषण पढ़ें.

