डेटा सेंटर किस तरह दलित समुदायों को उनकी जमीन से बेदखल कर रहे हैं
द वायर (शमशीर यूसुफ और मोनिका झा) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, भारत को एआई का वैश्विक केंद्र बनाने की होड़ में मुंबई, विशाखापत्तनम और चेन्नई के सबसे कमजोर दलित समुदायों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है. हीरानंदानी और गूगल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीनों के अधिग्रहण, जय भीम नगर के अवैध विध्वंस और डेटा सेंटरों की भारी बिजली मांग को पूरा करने के लिए 44 नए कोयला संयंत्रों को मंजूरी दिए जाने पर पढ़ें यह विस्तृत आर्थिक-पर्यावरणीय विश्लेषण.

