हरकारा रोज़ाना हरकारा रोज़ाना

किसानों से खेतिहर मजदूरों तक: कैसे बदल रहा है भारत की कृषि आत्महत्या का चेहरा

‘आर्टिकल 14' में पार्थ सारथी बिस्वास की विशेष रिपोर्ट: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों से हुआ चौंकाने वाला खुलासा। जानिए क्यों अब स्वतंत्र किसानों से ज्यादा भूमिहीन और छोटे खेतिहर मजदूर (Agricultural Labourers) कर्ज के जाल में फंसकर आत्महत्या कर रहे हैं।

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