सीबीएसई: एक ‘डोर्क’ सार्थक सिद्धांत ने बारीक नियमों को कैसे पढ़ा और परीक्षा की गड़बड़ी का पर्दाफाश किया
रांची के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की खरीद प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों को उजागर कर देश में एक नई बहस छेड़ दी है. सार्थक ने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध टेंडर दस्तावेज़ों, शुद्धिपत्रों और खरीद रिकॉर्ड्स का गहन विश्लेषण कर अपने ब्लॉग में दिखाया कि कैसे नियमों में ढील देकर 'कोएम्प्ट एजुटेक' को फायदा पहुँचाया गया. इस खुलासे के बाद सीबीएसई द्वारा कंपनी को पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से हटाने और सार्वजनिक अनुबंधों में डेटा सुरक्षा व पारदर्शिता की मांग पर पढ़ें पूरी कहानी

