‘सांप्रदायिक राजनीति से किसे फायदा हुआ?’: जंतर-मंतर की सभा में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके
शनिवार 6 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले एक बड़ा छात्र और युवा आंदोलन सड़कों पर उतरा. बोस्टन (अमेरिका) से भारत लौटे 30 वर्षीय संस्थापक अभिजीत दिपके ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की आत्मकथा हाथ में लेकर जनसभा को संबोधित किया और सरकार की 'डर व सांप्रदायिक' राजनीति पर तीखा प्रहार किया. 'द इंडियन एक्सप्रेस' और 'रॉयटर्स' की इस विशेष रिपोर्ट में इंस्टाग्राम पर 2.2 करोड़ फॉलोअर्स वाले इस डिजिटल आंदोलन के जमीनी उभार, 14% शहरी युवा बेरोजगारी दर, ईरान युद्ध के कारण बढ़ती महंगाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए दी गई एक सप्ताह की डेडलाइन पर पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट
कायस्थ | कॉकरोच और गिद्ध: कल दिल्ली पहुंच रहे हैं दिपके, आगे क्या होगा?
इस विश्लेषणात्मक लेख में कल 6 जून 2026 को दिल्ली पहुंच रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के आंदोलन और सोशल मीडिया कैंपेन का गहरा राजनीतिक विश्लेषण किया गया है. लेख में वर्ष 2011 के अन्ना आंदोलन की पृष्ठभूमि, पॉलिटिकल स्ट्रेटिजिस्ट के रूप में दीपके के 'आप' (AAP) से जुड़े अतीत और न्यू इंडिया के राजनीतिक माहौल की चर्चा की गई है. जहां देश का युवा पेपर लीक और बेरोजगारी से गुस्से में है, वहीं लेख में सवाल उठाया गया है कि विपक्ष की कमजोर स्थिति के बीच क्या यह आंदोलन नागरिकों के गुस्से को डायवर्ट करने की कोई सुनियोजित रणनीति है या फिर एक वास्तविक छात्र विद्रोह? पढ़ें पूरा ओपिनियन पीस.

