हर 36 मिनट में एक मौत. भारत का मानसिक स्वास्थ्य संकट कितना गहरा है?
भारत में मानसिक बीमारी अब सिर्फ एक स्वास्थ्य समस्या नहीं रही. यह एक ऐसा सामाजिक संकट बन चुकी है जो हर 36 मिनट में एक जान ले रहा है. राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो की 2024 की रिपोर्ट बताती है कि बीते साल मानसिक बीमारी से जुड़ी आत्महत्याओं के 14,305 मामले दर्ज किए गए. यानी साल भर में हर दिन लगभग 39 लोग और हर 36 मिनट में एक व्यक्ति ने मानसिक पीड़ा के कारण अपनी जान गंवाई.

