ईंधन, बिजली और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के कारण अप्रैल में थोक महंगाई बढ़कर 8.3% हुई: सरकारी आंकड़े
ईंधन, बिजली और कच्चे कच्चे पेट्रोलियम की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण अप्रैल में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति (महंगाई) बढ़कर 8.30 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 3.88 प्रतिशत थी. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार: ईंधन और बिजली की मुद्रास्फीति मार्च के 1.05% से उछलकर अप्रैल में 24.71% हो गई.
हॉर्मुज़ के ठप होने से वैश्विक आपूर्ति संकट के बीच भारत-चीन की तेल पर टक्कर, बढ़ सकती हैं कीमतें!
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के ठप पड़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है. इसने भारत और चीन को सीधे टकराव की स्थिति में ला खड़ा किया है. यह टकराव सीमाओं पर नहीं, बल्कि रूसी कच्चे तेल के लिए बाजार में हो रही प्रतिस्पर्धा में दिख रहा है. रूस, जो पहले कम किमतों पर तेल बेच रहा था, अब इस संकट के घड़ी में सबसे अहम आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है. भारत और चीन दोनों अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूसी तेल पर निर्भर होते जा रहे हैं.

