चुनिंदा जनाक्रोश कैसे हिरासत में मौतों पर राज्य की जवाबदेही को कमजोर करता है
अनुप सुरेंद्रनाथ और सानिया रिज़वान के लेख का विश्लेषण. भारत में पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों और एनकाउंटर पर समाज के चुनिंदा जनाक्रोश और राज्य की जवाबदेही पर एक गंभीर वैचारिक समीक्षा.

