1997 में, धर्मेंद्र प्रधान ने एक छात्र नेता के रूप में पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था और उन्हें पीटा गया था
‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ और ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट. 1997 में ओडिशा में एबीवीपी छात्र नेता के रूप में पेपर लीक के खिलाफ लाठीचार्ज सहने वाले धर्मेंद्र प्रधान आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर छात्रों के तीखे विरोध के केंद्र में हैं.
घोटाले से प्रभावित नीट दोबारा देने से पहले ‘बेचैनी’ से लड़ रहे हैं 20 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवार
'रॉयटर्स' (Reuters) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पेपर लीक विवाद के बाद 20 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों को दोबारा NEET-UG परीक्षा देनी पड़ रही है. जानिए कैसे इस मानसिक तनाव के बीच सरकार ने टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया और कोर्ट ने इस पर क्या फैसला दिया.

