सुशांत सिंह | मोदी और ट्रंप 2.0 की क्षतिग्रस्त साझेदारी खोखले कूटनीतिक दिखावे की कहानी
वरिष्ठ रक्षा विश्लेषक और पत्रकार सुशांत सिंह के इस विशेष वैचारिक आलेख में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राजदूत सेर्जियो गोर के हालिया भारत दौरे की रणनीतिक समीक्षा की गई है. लेखक के अनुसार, दूसरे ट्रंप प्रशासन के तहत भारत-अमेरिका साझेदारी के तीन पारंपरिक स्तंभ—हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन विरोधी रणनीतिक तालमेल, भारत का व्यापार अधिशेष और एच-1बी (H-1B) वीजा आधारित जन-से-जन संबंध—बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. अगले 5 वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने के दबाव, क्वाड (Quad) के अवमूल्यन और अमेरिकी रणनीतिक छत्र के बिना चीन-पाकिस्तान के दोहरे मोर्चे से बचने के लिए बीजिंग को दी जा रही कूटनीतिक रियायतों पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषण.

